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Showing posts from September, 2019

नवदिन नवराती (घनाक्षरी छंद)

*नवदिन नवराती , बरे दिया संग बाती ।* *बघवा सवार होके , दाई हा बिराजे हे ।।* *नवदिन नवरूप , देय सबो हुम धुप ।* *शंख चक्र गदा दाई , हाथ तोर साजे हे ।।* *धरे तिरशूल भाला , पहिरे हे मुंडी  माला ।* ...

गुरु के चरन मा सरग जान ले (शक्ति छंद)

गुरु के चरण मा सरग जान ले । मिले हे इहाँ तँय बने मान ले । कहे गा गुरु बिन कहाँ ज्ञान हे । मिलय ना कहूँ जी बड़े खान हे।। गुरु के चरन मा सबे धाम हे । सबो ले बड़े तो गुरु नाम हे । बिना जी ग...

हमर छंद परिवार (दोहा छंद) गीत

हमर छंद परिवार के , कतका करव बखान । तन मन मा जीखर बसे , सेवा अउ सम्मान ।। गुरु निगम जी हे हमर , शीतल छाँव अपार । देवत सबला जी हवै , छंद ज्ञान उपहार ।। बगरत चारो ओर हे , उड़य छंद के शोर ।  ...

आगे बढ़ते रहे हम सदा प्यार में ................

आगे बढ़ते रहे हम , सदा राहो में । बीते रात और दिन , अब तेरी बाहो में ।। तेरे बिन जी ना पाउ , मैं और एक दिन । काटे ना अब कटे ये ,  राते तेरे बिन ।। मैंने इस जिंदगी को , तेरे नाम किया । हरपल म...

ना भटक यै राही ये मंजिल खुद तेरे पास है

बढ़ना है आगे और पाना है मंजिल । किनारो से करलो दरकार मेरे यारा ।। भटकते हुये ना मिला है किसी को । बना लो खुदी को सरकार मेरे यारा ।। कब तक है यूँ खाते रहोगे जी ठोकर । अब बैठो ना ऐसे ...

वंदना माँ शारदे ज्ञान वरदान दे (कवि सम्मेलन)

माता वीणापाणि मुझे ज्ञान वरदान दे । स्वर को तू मातु मेरे आज तू सवार दे । होना जाए भूल कहि भूल से भी मातु मेरे । ज्ञान मुझे तू माँ आज भण्डार दे ।। बालक है हम माँ तू है जगजननी । हर क...

शहीद - ये - आजम :- भगत सिंह जयंती पर्व

नमन करो उस वीर को , जिसने कसम सदा यह खाई है । भारत माँ की रक्षा में जिसने , अपनी भी प्राण गवाई है ।। हम किस देश के वासी है , यह बात उसने बतलाई थी हिन्द बसा अपने भी लहू में , क्रान्ति उस...

करूँ मैं आराधना सदा माँ भारती की ................

*गाउँ मैं आराधना सदा माँ भारती की ।* *मात शारदे मुझे , ऐसी वरदान दे ।।* *हिन्दू को प्रणाम मुस्लिम को  सलाम करूँ ।* *सीमा में भी लड़ आउ ऐसी स्वाभिमान दे ।।* *गरब गुमान छोड़ , करूँ मैं आराध...

वीरांगना दाई बिलासा (आल्हा छंद)

*वीरांगना दाई बिलासा ..............* *अरपा नदिया के तीरे मा , रिहिस हवय जी इक ठन गाँव ।* *दाई बिलासा जेला बसाय , पड़िस बिलासापुर हे नाँव ।1।* *दक्षिण कोशल राज रिहिस हे , राजा रहय कल्याण साय ।* *रतनपु...