हमर छंद परिवार (दोहा छंद) गीत
हमर छंद परिवार के , कतका करव बखान ।
तन मन मा जीखर बसे , सेवा अउ सम्मान ।।
गुरु निगम जी हे हमर , शीतल छाँव अपार ।
देवत सबला जी हवै , छंद ज्ञान उपहार ।।
बगरत चारो ओर हे , उड़य छंद के शोर ।
मनला सबके भात हे , गाँव गली अउ खोर ।।
छंद हवय बड़ साधना , सिखले चेत लगाय ।
भटकत रहिबे तँय सखा , खोज ज्ञान ना पाय ।।
दोहा रोला सोरठा , आनी बानी छंद ।
बाँधव मात्रा मा बने , आही बड़ आनंद ।।
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