माँ शारदे वंदना (कुंडलिया छंद)
वंदन माता शारदे , करव सुमरनी तोर ।
दे हमला वरदान माँ , अरजी हावय मोर ।।
अरजी हावय मोर , छंद ला हम सब गावन ।
आके देबे ज्ञान , तोर माँ लइका हावन ।
तोर चरन के धूल , हमर माथा के चंदन ।
करत हवन गोहार , चरन मा गाके वंदन ।।
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||मयारू मोहन कुमार निषाद||
लमती भाटापारा
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