शहीद - ये - आजम :- भगत सिंह जयंती पर्व


नमन करो उस वीर को , जिसने कसम सदा यह खाई है ।
भारत माँ की रक्षा में जिसने , अपनी भी प्राण गवाई है ।।

हम किस देश के वासी है , यह बात उसने बतलाई थी
हिन्द बसा अपने भी लहू में , क्रान्ति उसने ये लाई थी ।।

जिनके बलबूते आज हमे , मिल पाई ये वही आजादी है ।
काँप उठा अंग्रेजी सिंहासन , और फांसी उन्हें सजादी है।।

डरा नही ओ कभी भी देखो , अंग्रेजन की अवलादो से ।
बरसी गोली बम और बारूदे , ना तोप जैसे फौलादो से ।।

सदा ही हँसता ओ पंजाबी , भारत माँ की जय बोल गया ।
हमे इंकलाब का नारा देकर , फांसी पर था ओ झूल गया ।।

नमन करे उस वीर को , जिसने कसम सदा ये खाई है ।
भारत के कोने कोने में , जिसने यह जोत जलाई है ।।
                 
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              ||मयारू मोहन कुमार निषाद||

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