रोला छंद

मानुष जोनी पाय , अपन जी भाग जगाले |
करले सुग्घर काम , राम के नाम लगाले ||
सेवा जिनगी सार , सबो के सेवा करले |
एक सबो ला मान , बिपत जी सबके हरले ||

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