हरेली तिहार दोहा छंद
आय हरेली जी हमर , सबले शुरू तिहार ।
जुरमिल सबो मनात हे , छाये हवै बहार ।।
गेड़ी के जी लव मजा , संगी चढ़के आज ।
परब हरेली के हवै , बंद हवय सब काज ।।
पहिली हमर तिहार ला , सुग्घर संग मनाव ।
नाँगर बइला पूज के , चीला आज चढ़ाव ।।
करत किसानी के बुता , हावय मगन किसान ।
आज हरेली जी हवे , मानव सबे मितान ।।
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