आये मोदी राज छत्तीसगढ़ी हास्य व्यंग
जबले मोदी आय हे , चाय वाले मन घलो भाव खाय हे
आज आवत आवत हमर भइया कहिथे
चाय पीतेन जी
चाय पियेन , मैं ओला दस के सिक्का देव
कहिथे सिक्का नई चलय
मैं कहेव् कइसे नई चलय भाई
हमर कोती तो चलथे
ता चाय वाले कहिथे
एकझन चाय वाले हा दस हजार के नोट बन्द कर सकथे ता हम दस के सिक्का नई बन्द कर सकन जी
मैं कहेव् बड़ा बाय हे भइया
दस के नोट देव
कहिथे उहू नई चलय
मैं कहेव् काबर
कहिथे ..... गिद गिद हा हे नोट हा
साले हम एक झन गिद गिद हिन् बाई ला
आज ले चलात हन
अउ तै एक ठन नोट नई चला कसच यार
अइसन तो हे हाल भइया
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