तोर सुरता मा छत्तीसगढ़ी गजल Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps January 24, 2020 तोर सुरता मा नींद बैरी आवय नही । का करव मैं कुछू मोला भावय नही ।। तोर चेहरा मोर आंखी मा झुलत रहिथे । अन्न पानी मोला काही अब सुहावय नही ।। रात - दिन तोर सपना अब सताथे मोला । का ब... Read more