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Showing posts from December, 2018

जिंदगी का रंग हार जीत संग

कैसे मैं बताऊ , क्या हाल है अभी हुआ । जिंदगी वीरान सी , ख्वाब है धुँवा धुँवा ।। रूठी रूठी राह है , मंजिले है लापता  । सोचता हूँ हर घड़ी , हुई कहा पे है खता ।। खो ना जाऊ मैं कहि , डर यही सत...